SUPREME COURT : बिल को वापस भेजे बिना सहमति रोकना देश के संघीय ढांचे को करेगा कमजोर…राष्ट्रपति के 14 सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का जवाब
पीठ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई बिल राज्यपाल के पास आता है, तो उनके पास तीन विकल्प होते […]
पीठ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई बिल राज्यपाल के पास आता है, तो उनके पास तीन विकल्प होते […]
मामले से सम्बंधित सभी याचिका को कनेक्ट कर दिया गया है. कोर्ट का कहना है कि ऐसे कानूनों पर अंतरिम
हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम की धारा 20 के तहत गुजारा भत्ते का दावा कर सकती है और एक
संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (g) के तहत मिले किसी भी पेशे या व्यापार को करने के मौलिक अधिकार का
बार एसोसिएशन ने यह कहते हुए अपना ऑब्जेक्शन दर्ज कराया कि यह समन अनुच्छेद 19 (1) (जी) और अनुच्छेद 21
वर्ष 2001 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला. इसके बाद वे हरियाणा के एडवोकेट जनरल बने और 9 जनवरी
मामले पर मुख्य रूप से उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर माने जाते हैं. हालांकि जमानत याचिकाओं
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 64, 351, 351(1), 351(2), और 64(2) (m) के साथ-साथ POCSO अधिनियम की धाराओं 4
अब 7 नवंबर को अगली सुनवाई में अदालत लंबित आवेदनों पर दाखिल जवाबों और लिखित बयानों पर विचार करेगी, जिसके
धीरज मोर बनाम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय में न्यायिक अधिकारियों को बार कोटा से आवेदन करने से रोक दिया