कार्यशाला का संचालन डाॅ0 कनीज मेहदी जैदी, सहायक आचार्य, शिक्षाशास्त्र के समन्वय से हुआ, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सुचारु आयोजन एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ.

LUCKNOW : लखनऊ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध शिया पीजी कॉलेज लखनऊ में कैंपस कालिंग प्रोग्राम एवं पीओएस जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन हुआ. महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के इस जागरूकता अभियान में कॉलेज के सभी सम्मानीय टीचर उपस्थित रहे.

31 जनवरी, 2026 को प्रातः 10ः30 बजे होने वाले इस अभियान का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा शैक्षणिक संस्थानों को कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील बनाना था.
इन लोगों ने किया संचालन : कार्यशाला का संचालन डाॅ0 कनीज मेहदी जैदी, सहायक आचार्य, शिक्षाशास्त्र के समन्वय से हुआ, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सुचारु आयोजन एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ. इस मौके पर प्रो. जर्रीन जहरा रिजवी उपस्थित रहीं. उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समावेशी वातावरण बनाने के महत्व पर बल दिया.
POSCO एक्ट पर क्या कहती हैं डॉ सीमा राना : डाॅ0 सीमा राना, सहायक आचार्य ने POSCO अधिनियम, 2013 के सामाजिक प्रभाव पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता से व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सकता है, जिससे कार्यस्थल पर गरिमा को बढ़ावा दिया जा सकता है तथा गहरे सामाजिक दृष्टिकोणों को चुनौती दी जा सकती है.
डाॅ0 नूरीन जैदी, सहायक आचार्य, विधि ने POSCO अधिनियम, 2013 की कानूनी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए इसके प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं शैक्षणिक संस्थानों पर इसके प्रभाव की विस्तृत जानकारी दी. डाॅ0 जै़दी ने कर्मचारियों के अधिकारों एवं दायित्वों, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका तथा कानून के अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया.
इस मौके पर कॉलेज के सभी शिक्षिका समेत कई सम्मानीय अतिथि समेत छात्राएं उपस्थित रही.



