पति की अनुपस्थिति में फैमिली कोर्ट ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए विवाह को रद्द कर दिया और पति को 30 लाख रुपये एलिमनी देने का आदेश दिया. इसके बाद पत्नी ने एलिमनी बढ़ाने के लिए और पति ने एकपक्षीय आदेश को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी.

JHARKHAND HIGH COURT : शादी से पहले किसी अन्य महिला के साथ ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में रहने की बात को छिपाना ‘धोखाधड़ी’ की श्रेणी में आता है. झारखण्ड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला कोर्ट ने कहा कि यदि इस तथ्य को छिपाकर विवाह के लिए सहमति प्राप्त की गई है, तो ऐसा विवाह हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12(1) (c) के तहत शून्य करणीय है.
क्या था मामला : मामला दिसंबर 2015 को संपन्न हुए एक विवाह से संबंधित है. पत्नी का आरोप था कि शादी के बाद जब वह अपनी ससुराल गई, तो उसे पता चला कि उसका पति शादी से पहले किसी अन्य महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था. इसी मामले को लेकर पत्नी ने दावा किया कि पति और उसके परिवार ने धोखे से उसे अच्छे चरित्र वाला बताकर शादी की थी.
पत्नी ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने 15 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की और मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उसे घर से निकाल दिया गया. इसी को लेकर पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12 (1) (c) के तहत विवाह को शून्य घोषित करने और स्थायी एलिमनी के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी. पति की अनुपस्थिति में फैमिली कोर्ट ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए विवाह को रद्द कर दिया और पति को 30 लाख रुपये एलिमनी देने का आदेश दिया. इसके बाद पत्नी ने एलिमनी बढ़ाने के लिए और पति ने एकपक्षीय आदेश को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी. जिसके बाद ही राशि को 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है.
क्या रहा हाई कोर्ट का ऑब्जरवेशन : मामला ज़ब हाई कोर्ट पंहुचा उसके बाद कोर्ट ने कहा पति के पिछले लिव-इन रिलेशनशिप की स्थिति का खुलासा पत्नी के सामने नहीं किया गया था, इसलिए यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि विवाह के लिए पत्नी और उसके अभिभावक की सहमति धोखाधड़ी से प्राप्त की गई थी, जो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12 (1) (c) के तहत आता है और साथ ही निर्देश दिया कि पति को ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ के रूप में 50 लाख रुपये की राशि पत्नी को देनी होगी.यह भुगतान फरवरी 2026 से जून 2026 के बीच पांच समान मासिक किस्तों में किया जाएगा.



