विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता उसके नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को सदन में बोलने से रोका गया और साथ में विपक्ष ने आठ सांसदों के निलंबन का मुद्दा भी उठाया गया है.

LOKSABHA UPDATE : लोकसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष में तनाव लगातार जारी हैं. आपको बता दें विपक्ष ने 10 फ़रवरी, मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है.
विपक्ष का आरोप : विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता उसके नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को सदन में बोलने से रोका गया और साथ में विपक्ष ने आठ सांसदों के निलंबन का मुद्दा भी उठाया गया है.
क्या था मामला : 4 फ़रवरी से जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सदन में भाषण होना था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद उनका भाषण नहीं हुआ. उसके अगले दिन यानी पांच फ़रवरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया उनके आग्रह पर प्रधानमंत्री मोदी सदन में उपस्थित नहीं हुए. ओम बिरला का कहना था कि मेरे पास ऐसी पुख़्ता जानकारी आई कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य प्रधानमंत्री के आसन पर पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते थे. अगर यह घटना हो जाती तो यह अत्यंत अप्रिय होता, जो देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार कर देती. विपक्ष के सांसदों के हंगामें दौरान बजट सत्र में लोकसभा के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.
क्या कहती हैं कांग्रेस सांसद : सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘यह पूरी तरह झूठ है, पीएम को चोट पहुंचाने का सवाल ही नहीं था. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, प्रधानमंत्री अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं, उनमें कल सदन में आने की हिम्मत नहीं हुई. आप सरकार से क्यों नहीं पूछते कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को क्यों नहीं बोलने दिया जाता. क्या उनके पास कोई भी आधार है कि वे एक सोर्स का उद्धरण देने से रोक दें, उनके पास ये अधिकार नहीं है. तथ्य यह है कि चर्चा इसलिए नहीं हुई, क्योंकि सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं थी. प्रियंका कहती हैं
लोकसभा में 2 और 3 फ़रवरी को हुई जब कांग्रेस के सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कारवां मैगज़ीन में एक अप्रकाशित किताब (फ़ॉर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी) पर छपे लेख के अंश पढ़ने की कोशिश की थी. यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे ने लिखी है. राहुल ने जैसे ही इस किताब के बारे में बोलना शुरू किया तो स्पीकर ओम बिरला ने किताब के अप्रकाशित होने का हवाला देकर उन्हें बोलने से रोका. जून 2024 में ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब नीट परीक्षाओं के मुद्दे पर बोलने को खड़े हुए तो वो स्पीकर ओम बिरला से माइक देने (ऑन करने) की बात कहते सुनाई दिए.



