विद्यार्थी जस्टिस सूर्यकांत की उस कथित टिप्पणी का विरोध कर रहे थे जिसमें उन्होंने बेरोज़गार युवाओं को कॉकरोच कहा था. हालांकि बाद में ख़ुद सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि उनकी टिप्पणी को ग़लत तरीके से पेश किया गया.

BCI AND NALSAR : बीसीआई ने हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नालसार) लॉ यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर पहले रोक लगाई और फिर उस फ़ैसले को वापस ले लिया.
मामला यह था कि पिछले सप्ताह नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत को आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. दरअसल कुछ स्टूडेंट्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ईमेल के माध्यम से एक याचिका सौंपी जिसमें सीजेआई को आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था. जानकारी के अनुसार विरोध करने वाले विद्यार्थी जस्टिस सूर्यकांत की उस कथित टिप्पणी का विरोध कर रहे थे जिसमें उन्होंने बेरोज़गार युवाओं को कॉकरोच कहा था. हालांकि बाद में ख़ुद सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि उनकी टिप्पणी को ग़लत तरीके से पेश किया गया.
स्टूडेंट्स के इस अभियान पर आपत्ति जताते हुए, बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने नालसार के कुलपति से तीन दिनों के भीतर एक प्रामाणिक रिपोर्ट पेश करने को कहा था और नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (एनएएलएसएआर) के 2026 बैच के छात्रों को अधिवक्ता के रूप में नामांकन करने से रोक दिया गया था. जिसके बाद मामला और गर्मा गया. हालांकी की बाद में मनन कुमार मिश्रा ने यह माना कि यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय था. परिषद ने विस्तृत विचार-विमर्श किया और आदेश को बदलने का निर्णय लिया और वापस ले लिया. मामले पर BCI द्वारा की गयी कार्यवाही पर CJI ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह छात्रों और उनके बीच का मामला है.
कौन हैं मनन कुमार मिश्रा : पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी (LLB) की डिग्री प्राप्त करने वाले मनन कुमार मिश्रा राजनीति में भी उतने ही सक्रिय माने जाते हैं, जितना कि वकालत में, वह अगस्त 2024 में बिहार से बीजेपी के निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए. उनकी छवि एक प्रभावशाली नेताओं में की जाती हैं. मनन कुमार मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर बिहार से राज्यसभा सांसद हैं. वे लंबे समय से बीसीआई के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वर्ष 2014 से लगातार इस पद पर हैं और देश की सर्वोच्च कानूनी नियामक संस्था का नेतृत्व कर रहे हैं.


