अधिवक्ता जिनके विरुद्ध गम्भीर अपराधों की प्राथमिकी दर्ज है या वे चार्जशीटेड हैं या उनके विरूद्ध विचारण लम्बित हैं, की सूची तैयार कर 15 दिवस के अन्दर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजे.

BAR COUNCIL OF UP: बार कॉउन्सिल ऑफ़ उप्र का सभी बार एसोसिएशन को पत्र, जिसमे साफ तौर पर लिखा गया हैं कि आपको इस पत्र द्वारा सूचित किया जाता है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा याचिका संख्या 12231/2025 मो० कफील बनाम स्टेट ऑफ यू०पी० एण्ड एनोदर में पारित आदेश दिनांक 03.06.2026 के अनुपालन में ऐसे अधिवक्ता जिनके विरुद्ध गम्भीर अपराधों की प्राथमिकी दर्ज है या वे चार्जशीटेड हैं या उनके विरूद्ध विचारण लम्बित हैं, की सूची तैयार कर 15 दिवस के अन्दर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजे.
नहीं भेजनें पर हो सकती हैं कार्यवाही : एसोसिएशन को यह भी निर्देशित किया जाता है कि यदि वे इस आदेश की अवहेलना करेंगे तो ऐसे बार एसोसिएशन का सम्बद्धीकरण बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से निरस्त कर दिया जायेगा व उनके बार एसोसिएशन के सदस्य गण को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित किसी लाभकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जायेगा और साथ ही साथ यह भी माना जायेगा कि वे माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं, जिसके सम्बन्ध में उनके विरूद्ध एक रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय को प्रेषित की जायेगी.




