युद्ध के समय कई देशों के साथ अमेरिका के मतभेद देखने को मिले है उन देशों में शामिल अमेरिका का सबसे करीबी मित्रो में से एक ब्रिटेन भी शामिल है.

IRAN AND ISRAEL TENSION : ईरान और अमेरिका के बीच सीधा युद्ध से अमेरिका के साथ कई देशों के बीच खटास देखने को मिली हैं. यूरोप अमेरिका का सबसे भरोसेमंद माना जाता हैं, इसी बीच युद्ध के समय कई देशों के साथ अमेरिका के मतभेद देखने को मिले है उन देशों में शामिल अमेरिका का सबसे करीबी मित्रो में से एक ब्रिटेन भी शामिल है.
ब्रिटेन, कनाडा और स्पेन से अमेरिका के मतभेद : अमेरिका और ईरान के युद्ध के बीच कई मतभेद देखने को मिले हैं, जिसको लेकर ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर इन देशों के नेताओं की आलोचना की है, कुछ मामलों में कड़े बयान दिए हैं और यहां तक संकेत दिया है कि वह आर्थिक या कूटनीतिक क़दम उठा सकते हैं.
क्या कहते हैं स्पेन के प्रधानमंत्री : स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ कहते हैं कि यह क़दम क्षेत्र को और अस्थिर कर सकता है. उन्होंने युद्ध के ख़िलाफ़ अपनी स्थिति दोहराते हुए कहा कि स्पेन ऐसी कार्रवाई का समर्थन नहीं करता जो संघर्ष को और बढ़ा सकती है.
क्या कहते हैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री : ईरान व इस्त्राइल के युद्ध के बीच ब्रिटेन का ब्यान कुछ चौकाने वाला ज़रूर था, प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने एक ऐसा बयान दिया जिसने अमेरिका में नाराज़गी पैदा कर दी. स्टार्मर ने कहा कि उनका देश किसी दूसरे देश में सैन्य बल के ज़रिए शासन परिवर्तन का समर्थन नहीं करता. हालांकी यह ब्यान तब आया ज़ब सवाल उठ रहा था कि क्या ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य केवल ईरान की तरफ़ से संभावित हमलों को रोकना है या उससे आगे जाकर राजनीतिक बदलाव लाना भी है.
अमेरिका के कनाडा से मतभेद : कनाडा से मतभेद कुछ अलग से रहे दोनों देशों के बीच हर साल सैकड़ों अरब डॉलर का व्यापार होता है. लेकिन हाल के सालों में व्यापार, रक्षा और विदेश नीति के कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े हैं.



