यूनिवर्सिटी के गेट और उसके आसपास के इलाकों को सुरक्षाबलों ने अपने घेरे में ले लिया है. दिल्ली पुलिस और आरपीएफ (RPF) की टुकड़ियां मौके पर मुस्तैद हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.

JAMIA MILLIA : जामिया मिलिया इस्लामिया एक बार फिर चर्चा में हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी में एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है. छात्रों से मिली जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल, 2026 को कैंपस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम को लेकर भारी बवाल देखने को मिला है. देखते ही देखते यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और दिल्ली पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को तैनात किया गया है.
क्या था मामला : अभी तक की मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा हैं कि विवाद की जड़ जामिया यूनिवर्सिटी की इंजीनियरिंग फैकल्टी में आयोजित होने वाला एक कार्यक्रम है. बताया यह भी जा रहा है कि यह कार्यक्रम आरएसएस की ओर से ऑर्गनाइज किया गया है. और इसीलिए यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया. इसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है. छात्रों का कहना है कि वे कैंपस के भीतर इस तरह के आयोजनों की अनुमति नहीं देंगे.
दिल्ली पुलिस हुई मुस्तैद : देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्रों का विरोध शुरू हो गया, प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना या टकराव को टालने के लिए यूनिवर्सिटी के गेट और उसके आसपास के इलाकों को सुरक्षाबलों ने अपने घेरे में ले लिया है. दिल्ली पुलिस और आरपीएफ (RPF) की टुकड़ियां मौके पर मुस्तैद हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.

जामिया AISA का ब्यान आया सामने : जामिया AISA ने बयान जारी कर कहा है कि जामिया में RSS के लिए कोई जगह नहीं है. युवा कुंभ के नाम से RSS द्वारा आयोजित कार्यक्रम को खारिज करने के लिए जामिया के अन्य प्रगतिशील संगठनों के साथ मिलकर AISA एकजुट हुआ है. आईसा ने कहा है कि देशभर के विश्वविद्यालयों में RSS इसी तरह से कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें राष्ट्र निर्माण और प्रगति की 100 वर्षों की विरासत का दावा किया जाता है. वह RSS, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं निभाई और यहां तक कि ब्रिटिश उपनिवेशवादियों के साथ खुलकर सहयोग किया, आज अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांट रहा है. हमारे शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत ने एक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए लड़ाई लड़ी थी, जो आज जामिया या उससे बाहर RSS के खिलाफ एकजुट खड़ा है. AISA ने कहा है कि वह जामिया प्रशासन द्वारा आरएसएस को खुलेआम कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दिए गए निमंत्रण की कड़ी निंदा करता है.



